महिलाएं अपनी अंतर्निहित शक्ति का उपयोग राष्ट्र विकास में करें- राज्यपाल

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  • आईआईएस यूनिवर्सिटी का ग्यारहवां दीक्षांत समारोह
  • राज्यपाल ने उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी को डी.लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया

जयपुर, बुधवार, 18 मार्च 2026। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महिला अबला नहीं सबला हैं। यह मन में लाकर यदि महिलाएं आगे बढ़ेंगी तभी समाज तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ेगा। राज्यपाल श्री बागडे बुधवार को आईआईएस यूनिवर्सिटी के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाएं किसी से कम नहीं है। उन्होंने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को याद करते हुए कहा कि मात्र बीस वर्ष की उम्र में उन्होंने अंग्रेजों को चुनौती दी थी। उम्र कोई मायने नहीं रखती। मन यदि बना लें तो किसी भी बाधा से मुकाबला किया जा सकता है। राज्यपाल ने निडरता के साथ सकारात्मक सोच रखते हुए छात्राओं को जीवन के हर क्षेत्र में अग्रणी रहने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों में बौद्धिक क्षमता बढ़ाने, विद्यार्थी को एकाग्रता से पढ़ने के लिए प्रेरित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र समृद्धि हम सभी का प्रथम लक्ष्य होना चाहिए।

राज्यपाल ने लार्ड  मैकाले द्वारा देश में अंग्रेजी शिक्षा पद्धति को लागू कर देश में गुलाम मानसिकता का निर्माण करने की चर्चा करते हुए कहा कि आजादी के बाद से शिक्षा की वही पद्धति चली आ रही थी। भारत सरकार ने भारत को फिर से उसकी ज्ञान परंपरा से उन्नत करने के लिए नई शिक्षा नीति को देश में लागू किया। यह नीति भारत को विश्वगुरु बनाने के भाव से जुड़ी है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत ऐसी शिक्षा दिए जाने पर जोर दिया जिससे देश के पास मौजूद 240 करोड़ हाथों के जरिए राष्ट्र को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए।

इससे पहले राज्यपाल श्री बागडे ने दीक्षांत समारोह में प्रदेश की उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी को आईआईएस यूनिवर्सिटी की ओर से सामाजिक एवं सामुदायिक सेवा क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए डी.लिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया। उन्होंने उत्कृष्ट विद्यार्थियों को दीक्षांत अवसर पर स्वर्ण पदक और उपाधियां प्रदान की।

उप मुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने अपने सम्मान के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने बालिका शिक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी तभी समाज आगे बढ़ेगा। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा के साथ अवसर प्रदान करने की सोच से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य के अवसरों का भरपूर उपयोग करने पर जोर दिया। विश्वविद्यालय के संस्थापक स्व. अशोक गुप्ता का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि महिला शिक्षा के लिए संस्थान की स्थापना कर उन्होंने अनुकरणीय पहल की। चांसलर श्री अमित गुप्ता और कुलगुरु श्री टी. एन. माथुर ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

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