कृषि भूमि के तेजी से गैर कृषि भूमि में परिवर्तित किए जाने पर रास में जताई गई चिंता

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नई दिल्ली, सोमवार, 30 मार्च 2026। देश में कृषि क्षेत्र की भूमि के तेजी से गैर कृषि क्षेत्र की भूमि में परिवर्तित होने पर चिंता जाहिर करते हुए राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की मेधा विश्राम कुलकर्णी ने कहा कि इससे न केवल फसल उत्पादन घट रहा है बल्कि पर्यावरण की भी गंभीर समस्या हो सकती है। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए मेधा विश्राम कुलकर्णी ने कहा कि देश के कृषि क्षेत्र के सक्षम होने की वजह से 140 करोड़ देशवासियों को अनाज की दिक्कत नहीं हो सकती। ‘‘लेकिन यह स्थिति तेजी से बदल रही है क्योंकि हर जिले में कृषि भूमि तेजी से गैर कृषि भूमि में परिवर्तित हो रही है।’’ उन्होंने दावा किया कि पंजाब में बीते कुछ बरसों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि गैर कृषि भूमि में तब्दील हो चुकी है। मेधा ने कहा कि देश में अब केवल 45 प्रतिशत भूमि ही कृषि भूमि है और नौ फीसदी की गिरावट आ चुकी है। ‘‘इससे न केवल फसल उत्पादन घट रहा है बल्कि पर्यावरण की समस्या भी आ सकती है।’’ मेधा ने कहा ‘‘भारत जैसी बड़ी आबादी वाले देश के लिए कृषि क्षेत्र की भूमि का तेजी से गैर कृषि क्षेत्र की भूमि में परिवर्तित होना गंभीर बात है क्योंकि इससे हमारी खाद्य सुरक्षा जुड़ी है। इससे किसानों की समस्या भी बढ़ रही है।’’

उन्होंने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि देश में जब एक फीसदी आबादी बढ़ती है तो 0.35 फीसदी कृषि क्षेत्र घटता है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी कृषि क्षेत्र की भूमि को संजो कर रखें और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी फसलों का उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने मांग की कि सरकारी योजनाओं में भी यह ध्यान देना चाहिए और खेती की जमीन खेती के लिए ही बेची जानी चाहिए। इसी पार्टी के अजित माधवराव गोपचड़े ने नांदेड़ के विकास का मुद्दा उठाया और कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने अपने जीवन के अंतिम दिन नांदेड़ में बिताए थे और वहीं उन्होंने 1708 में गुरुगद्दी (गुरु का पद) गुरु ग्रंथ साहिब को सौंप दी।

उन्होंने कहा कि नांदेड़ सिखों के लिए अत्यंत पवित्र तीर्थ है और वहां स्थित तख्त श्री हजूर साहिब सिख धर्म के पाँच तख्तों (सबसे पवित्र स्थानों) में से एक है जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने मांग की कि नांदेड़ को अमृतसर, वाराणसी, काशी की तर्ज पर पवित्र शहर घोषित किया जाए और यहां शराब पर पाबंदी हो। उन्होंने नांदेड़ को ‘आईटी हब’ के तौर पर विकसित करने, वहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना करने और नांदेड़ हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने की मांग भी की।

भाजपा के ही महेंद्र भट ने उत्तराखंड के गोचर हवाई अड्डे के विस्तार की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि गोचर में एयर एंबुलेंस का स्थायी केंद्र बनाना जरूरी है क्योंकि ऐसा होने पर राज्य के लोगों को संकट के समय बड़ी राहत मिल जाएगी। शून्यकाल में ही भाजपा की संगीता बलवंत, रागैया कृष्णैया, लहर सिंह सरोया, बीजद के मुजीबुल्ला खान, तृणमूल कांग्रेस के सुखेन्दु शेखर राय, मनोनीत सुधा मूर्ति और सतनाम सिंह संधू ने भी आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।

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