न्यायालय अगस्ता वेस्टलैंड मामले में बिचौलिए जेम्स की याचिका पर सुनवाई को सहमत

img

नई दिल्ली, सोमवार, 04 मई 2026। उच्चतम न्यायालय ने 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की जेल से रिहाई के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई करने को सोमवार को सहमति जताई। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर उनसे जवाब मांगा है। जेम्स ने 1999 में हस्ताक्षरित संधि के अनुच्छेद 17 को चुनौती दी है। यह अनुच्छेद अनुरोध करने वाले देश (इस मामले में भारत) को यह अनुमति देता है कि वह प्रत्यर्पित व्यक्ति पर केवल उसी अपराध के लिए नहीं, जिसके लिए प्रत्यर्पण हुआ है, बल्कि उससे जुड़े अन्य अपराधों के लिए भी मुकदमा चला सके।

सुनवाई की शुरुआत में जेम्स की तरफ से पेश वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में यह कहा था कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हुई संधि का प्रभाव किसी भी प्रचलित कानून से ऊपर होगा। वकील ने बताया, ''मैंने संधि के इस हिस्से को चुनौती देते हुए (उच्च न्यायालय में) एक याचिका दायर की है।'' पीठ ने कहा कि उसने याचिका पर नोटिस जारी कर दिया है और मामले की सुनवाई जुलाई में होगी। शीर्ष न्यायालय ने इस मामले में जेम्स की जेल से रिहाई की याचिका को 24 अप्रैल को दूसरी पीठ के पास भेज दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने आठ अप्रैल को इस मामले में ब्रिटिश नागरिक की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जेम्स की दलीलों में कोई दम नहीं है। उसे दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने इस तथ्य का संज्ञान लिया था कि आरोपी की पिछली याचिकाओं पर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली एक अन्य पीठ ने सुनवाई की थी और मामले को संदर्भित किया था। अपनी याचिका में जेम्स ने भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि के एक प्रावधान को चुनौती दी। उसने सात अगस्त, 2025 के निचली अदालत के उस आदेश को भी चुनौती दी, जिसके द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 436ए के तहत जेल से रिहाई के लिए उसकी अर्जी खारिज कर दी गई थी।

सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में आरोप लगाया कि आठ फरवरी, 2010 को 55.62 करोड़ यूरो मूल्य के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के लिए हस्ताक्षरित समझौते के कारण सरकारी खजाने को अनुमानित 39.82 करोड़ यूरो (लगभग 2,666 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। जून 2016 में जेम्स के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में ईडी ने आरोप लगाया था कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड से तीन करोड़ यूरो (लगभग 225 करोड़ रुपये) प्राप्त किए थे।

Similar Post

LIFESTYLE

AUTOMOBILES

Recent Articles

Facebook Like

Subscribe

FLICKER IMAGES

Advertisement