लालकिला कार बम विस्फोट मामले में एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
नई दिल्ली, बुधवार, 14 मई 2026। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला क्षेत्र में हुए कार बम विस्फोट मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है जिसमें 11 लोगों की मौत हो गयी थी और कई लोग घायल हुए थे। पिछले साल 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में एक कार में लगे शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण विस्फोट से इलाके में भारी तबाही हुई थी और आसपास की संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुंचा था। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के अनुसार 10 आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी भी शामिल है जिसकी विस्फोट के दौरान मौत हो गयी थी। वह आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (अजीयूएच) से जुड़ा हुआ था। यह संगठन भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) का एक सहयोगी गुट है। गृह मंत्रालय ने जून 2018 में एक्यूआईएस और उससे जुड़े सभी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967, भारतीय न्याय संहिता 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, शस्त्र अधिनियम 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल की गई है। मुख्य साजिशकर्ता पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर रह चुका था। उसकी मौत हो चुकी है और उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव अदालत में रखा गया है। आरोपपत्र में में आमिर राशिद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजमिल शकील, डॉ. आदिल अहमद रादर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयाब, डॉ. बिलाल नसीर मल्हा और यासिर अहमद डार को भी आरोपी बनाया गया है।
एनआईए के अनुसार जांच के दायरे में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाके आये। एजेंसी ने 588 मौखिक गवाहियों, 395 से अधिक दस्तावेजों और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में चार्जशीट में शामिल किया है। लाल किला धमाके में इस्तेमाल ट्राइएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड (टीएटीपी) विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए जरूरी रसायनों और उपकरणों को गुप्त तरीके से जुटाया गया और विस्फोटक मिश्रण को अधिक घातक बनाने के लिए कई प्रयोग किए गए। एनआईए ने बताया कि आरोपियों ने एके-47 और क्रिंकोव राइफल समेत प्रतिबंधित हथियारों की अवैध खरीद भी की थी। इसके अलावा वे ड्रोन और रॉकेट आधारित आईईडी विकसित कर जम्मू-कश्मीर तथा देश के अन्य हिस्सों में सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहे थे।
Similar Post
-
स्टालिन ने कॉजपा के प्रदर्शन का समर्थन किया, कहा- ‘असहमति अपराध नहीं’
चेन्नई, शनिवार, 10 अक्टूबर 2026। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच ज ...
-
पंचायती राज चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने ली वीसी
जयपुर, शनिवार, 10 अक्टूबर 2026। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजे ...
-
जम्मू कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा के निकट पांच बारूदी सुरंग को निष्क्रिय किया गया
मेंढर/जम्मू, शनिवार, 10 अक्टूबर 2026। सेना ने जम्मू-कश्मीर के पु ...
