जालना में असंगठित क्षेत्र के कामगारों का ‘जेल भरो’ आंदोलन, 80 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
जालना, मंगलवार, 11 अगस्त 2026। महाराष्ट्र के जालना शहर में असंगठित क्षेत्र के कामगारों ने स्थायी कर्मचारी का दर्जा, भविष्य निधि (पीएफ) और पेंशन सहित अन्य मांगों को लेकर ‘जेल भरो’ आंदोलन किया। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को किए गए इस आंदोलन के दौरान 80 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ताओं, खेतिहर मजदूरों और अन्य श्रमिक संगठनों के सदस्यों ने जालना जिला परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
सीटू नेता अन्ना सावंत ने बताया कि यह आंदोलन केंद्रीय श्रमित संघों की संयुक्त कार्रवाई समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियां श्रमिक और किसान विरोधी हैं। प्रदर्शन में किसान, खेतिहर मजदूर और असंगठित क्षेत्र के विभिन्न श्रमिकों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी, नौकरियों में ठेकेदारी व्यवस्था तथा सामाजिक सुरक्षा लाभों में कटौती के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, समूह प्रवर्तकों, स्कूलों में मध्याह्न भोजन कर्मियों, ग्राम रोजगार सेवकों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और उन्हें ईएसआई, पीएफ तथा पेंशन का लाभ देने की मांग की। उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) व्यवस्था को बहाल करने, प्रत्येक परिवार को 200 दिन का रोजगार देने और प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी तय करने की मांग भी की।
प्रदर्शनकारियों ने भूमिहीन परिवारों को कृषि भूमि आवंटित करने और उनके कब्जे वाली गैरान भूमि (पशुओं के मुक्त चरने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित सामुदायिक भूमि) को नियमित करने की मांग की। सावंत ने कहा, ‘‘हम चारों श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लेने की मांग करते हैं, क्योंकि ये श्रमिकों के कानूनी अधिकारों, रोजगार सुरक्षा, वेतन और सामाजिक सुरक्षा को प्रभावित करेंगी।’’ प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम जालना जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्णकांत कनवरिया को सौंपा। कदीम जालना पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 80 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।
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