कसोल में वन भूमि को कचरे से मुक्त किया गया: कुल्लू प्रशासन ने एनजीटी को बताया
शिमला, गुरुवार, 27 अगस्त 2026। हिमाचल प्रदेश के कसोल में जंगल की जिस जमीन पर कचरे का ढेर लगे होने के वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने संज्ञान लिया था, उसे अब साफ कर दिया गया है। कुल्लू प्रशासन ने इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एनजीटी को सौंप दी है। प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मनाली के पास रंगरी स्थित ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र द्वारा कचरा लेना बंद किए जाने के बाद वन विभाग ने अस्थायी तौर पर नगर निकाय के कचरे को रखने और अलग करने के लिए इस जमीन की पहचान की थी। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2024 में मणिकरण के विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एसएडीए) की बैठक में जंगल की जमीन पर कचरा डालने का फैसला लिया गया था।
जून 2025 में जंगल की जमीन पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर दिखाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लिया था। कसोल मनाली के पास स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन ने बताया कि अप्रैल 2026 में मणिकरण विशेष क्षेत्र के लिए नई व्यवस्था लागू की गई और एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ), ग्रामीण विकास विभाग तथा एसएडीए मणिकरण के बीच समझौता हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, एनजीओ ने मई 2026 में कचरा संग्रहण और प्रबंधन का काम शुरू किया। 13 जुलाई तक 90.5 टन कचरा एकत्र किया जा चुका है और संबंधित स्थल को पूरी तरह साफ कर दिया गया है।
Similar Post
-
गुलजार सिंह मौत मामला: मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास तक पंजाब कांग्रेस का विरोध मार्च 15 सितंबर को, चन्नी का ऐलान
चंडीगढ़, रविवार, 13 सितंबर 2026। पंजाब में गुलजार सिंह की मौत का ...
-
तमिलनाडु: बस किराया विवाद के बीच विनायगर चतुर्थी पर बसों की संख्या में 38 प्रतिशत वृद्धि
चेन्नई, रविवार, 13 सितंबर 2026। तमिलनाडु में राज्य परिवहन उपक्र ...
-
दिल्ली: साप्ताहिक ‘थाना दिवस’ पर 2,300 से अधिक शिकायतों की सुनवाई
नई दिल्ली, रविवार, 13 सितंबर 2026। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय रा ...
