दिल्ली : अमेरिकी पीड़ितों से करीब 100 करोड़ रुपये ठगने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार

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नई दिल्ली, गुरुवार, 24 सितंबर 2026। दिल्ली पुलिस ने पीतमपुरा इलाके में चल रहे एक अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर लगभग 100 करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आरोपियों ने संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) तथा अन्य अमेरिकी संघीय एजेंसियों द्वारा जारी किए गए फर्जी पत्र भेजकर पीड़ितों को डराया-धमकाया भी। अधिकारियों ने बताया कि ‘इंटेलीजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस’ (आईएफएसओ) इकाई ने 21 सितंबर को पीतमपुरा गांव में एक किराये के परिसर की तीसरी और चौथी मंजिल पर चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारा और 11 लोगों को हिरासत में लिया।

पुलिस ने परिसर से 41 लाख रुपये नकद, 29 लैपटॉप, 25 मोबाइल फोन, आठ राउटर और एक कार जब्त की।  इसके बाद विशेष प्रकोष्ठ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत 22 सितंबर को मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के नाम पर अमेरिका में पीड़ितों को निशाना बनाता था। इसके सदस्य पीड़ितों के कंप्यूटरों में ‘मैलवेयर इंस्टॉल’ कर देते थे, जिससे कंप्यूटर की स्क्रीन पर ‘पॉप-अप’ दिखाई देने लगता था। इसमें तकनीकी सहायता के लिए एक टोल-फ्री नंबर पर संपर्क करने का निर्देश दिया जाता था।

अधिकारियों ने बताया कि जब पीड़ित इस नंबर पर फोन करते थे, तो उनकी कॉल एक ऐप के जरिए पीतमपुरा कॉल सेंटर में स्थानांतरित हो जाती थी तथा कॉल सेंटर के एजेंट तकनीकी सहायता कर्मचारी बनकर यह दावा करते थे कि पीड़ित के कंप्यूटर में वायरस आ गया है या हैक हो गया है। पुलिस ने बताया कि इसके बाद पीड़ितों को एक ‘सॉफ्टवेयर इंस्टॉल’ करने के लिए फुसलाया जाता था, जिससे जालसाज उनके कंप्यूटर को हैक कर लिया करते थे। इसके बाद उन्हें बताया जाता था कि उनके बैंक खाते भी खतरे में हैं और उनकी कॉल अन्य आरोपियों को स्थानांतरित कर दी जाती जो बैंक अधिाकरी बनकर पीड़ितों से बात करते।

पुलिस ने बताया कि फर्जी बैंक अधिकारी ‘वॉयस एप्लिकेशन’ के जरिए अमेरिकी नंबरों का इस्तेमाल करके पीड़ितों से संपर्क करते थे और तकनीकी या बैंकिंग समस्या को हल करने के बहाने उन्हें गिफ्ट कार्ड खरीदने या क्रिप्टोकरेंसी स्थानांतरित करने के लिए उकसाते थे। पुलिस ने बताया कि कुछ मामलों में, आरोपियों ने पीड़ितों को उनकी मांगों को मानने के लिए मजबूर करने के वास्ते एफबीआई और अन्य अमेरिकी संघीय एजेंसियों के फर्जी संदेश भेजकर उन्हें डराया-धमकाया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कंवल प्रीत सिंह उर्फ सनी सिंह (43), प्रशांत नंदा (29), अक्षत सिंह उर्फ ​​शिवम (25), चित्रा नरह (27), रोहन जयरथ (31), गौरव सकलानी (24), सचिन घिल्डियाल उर्फ ​​सचिन शर्मा (26), इरशाद रहमान (22), नवनीत उर्फ ​​नवीन (28), निग्थौजम (25) और फेबो वांगशू (27) के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि आईएफएसओ टीम को अवैध कॉल सेंटर के बारे में जानकारी मिली थी और निगरानी तथा खुफिया जानकारी जुटाने के बाद छापेमारी की गई।

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